चल हट परे
हम को तू देगा दग़ा चल हट परे।
बे-वफ़ाओ से वफ़ा चल हट परे।।
जी हज़ूरी हम करेगे आप की।
भाड़ मे जाए 'अता चल हट परे।।
दुश्मनी कर तू अदा से शौक से।
क्या रहा मुझ को बता चल हट परे।।
मुश्किलें माना बहुत हैं ज़िन्दगी।
हम जिएं ,,हों ,, ग़मज़दा चल हट परे।।
डस ही लेगा साँप की फ़ितरत यही।
वो करेगा हक़ अदा चल हट परे।।
Gopal Gupta "Gopal "
Rajeev kumar jha
18-Dec-2022 10:50 AM
शानदार प्रस्तुति 👌
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